शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास को एक किसान ने पीट दिया। मामला शिवाजी के सामने आया। समर्थ रामदास बोले, 'इसने मुझे पीटा है, इसलिए दंड मैं दूंगा।' शिवाजी बोले, 'आपकी जैसी मर्जी।' रामदास ने कहा, 'इसे पांच बीघा जमीन दे दो।' सब सोचने लगे कि भला यह कौन सा दंड हुआ! समर्थ रामदास ने कहा, 'बेचारा गरीब है। यदि गरीब नहीं होता तो एक गन्ने के टुकड़े के लिए मुझे नहीं पीटता। इसे जमीन दे दो फिर यह किसी को नहीं पीटेगा।'