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लोगों को इस्तेमाल नहीं, प्यार करना चाहिए

एक आदमी अपनी नई चमचमाती कार की सफाई कर रहा था कि उसी समय उसके 4 साल के बेटे ने कहीं से एक पत्थर का टुकड़ा उठाकर कार पर स्क्रैच लगा दिया। गुस्से में वह अपने बेटे का हाथ खींचकर बस मारता चला गया। उसे यह एहसास भी नहीं हुआ कि उसने अपने बेटे के हाथ को बुरी तरह से ऐंठ रखा है। बाद में उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पता चला कि उसके हाथों में कई जगह फ्रैक्चर्स हैं , जिसकी वजह से बच्चे की कोई भी उंगलियां काम नहीं कर रही हैं। बच्चे ने अपने पापा को दर्द भरी निगाहों से देखा और पूछा, ' पापा मेरी उंगलियां कब ठीक होंगी ?'
वह आदमी काफी दुखी था और अपने बच्चे के इस सवाल पर बिल्कुल मूक बना रहा। वह वापस अपनी कार के पास गया और गुस्से में बार-बार उसे ठोकर मारी। अपनी ही करनी से दुखी उस बाप की नज़र कार के उसी स्क्रैच पर पड़ी , जिसे देखकर उसके आंसू बहने लगे। कार पर बेटे ने लिखा था , ' लव यू डैड ' ( मैं आपसे प्यार करता हूं पापा)। ग़म में डूबे उस बाप ने अगले ही दिन आत्महत्या कर ली। शायद सही ही कहा गया है कि गुस्से और प्यार की कोई सीमा नहीं होती है , पर खूबसूरत और अच्छी लाइफ के लिए बेहतर है कि आप बाद वाले शब्द यानी ' प्यार ' को चुनें।
चीजें इस्तेमाल करने के लिए होती है और लोग प्यार करने के लिए होते हैं, लेकिन आज दुनिया की यही दिक्कत है कि लोगों का इस्तेमाल किया जाता है और चीजों से लोग प्यार करते हैं। क्या आप मानते हैं कि आज वास्तव में प्यार और जज़्बात के मायने बदल गए हैं। चीज़ों को लोग इतनी अहमियत दे बैठते हैं और उससे इतना प्यार कर बैठते हैं कि उसके सामने इंसानियत भी दम तोड़ देती है ?